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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने पर पीरियडà¥à¤¸ आने का कà¥â€à¤¯à¤¾ मतलब होता है
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की लाइनिंग गिर जाती है जबकि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में यही लाइनिंग बनी रहती है। जब महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है तो यह पीरियडà¥à¤¸ की वजह से नहीं होगा।
pregnancy and bleeding
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने पर ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ नहीं होता है और न ही पीरियड आते हैं। पीरियडà¥à¤¸ तà¤à¥€ आते हैं जब आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट नहीं होती हैं।
हालांकि, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान थोड़ी बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग महसूस हो सकती है, लेकिन यह मासिक चकà¥à¤° की वजह से नहीं होगा।
कà¥à¤› महिलाओं को तो सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨à¥€ करवाने के दौरान à¤à¥€ पीरियडà¥à¤¸ नहीं आते हैं। हालांकि, ये डिलीवरी के तà¥à¤°à¤‚त बाद ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं। इसलिठडॉकà¥â€à¤Ÿà¤° सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली महिला के पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी न चाहने पर किसी न किसी गरà¥à¤ निरोधक के इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की सलाह दे सकते हैं।
मासिक चकà¥à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठही होता है और इसका चकà¥à¤° पीरियड के पहले दिन से शà¥à¤°à¥‚ होता है और अगले पीरियड के पहले दिन पर खतà¥â€à¤® होता है।
मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठखतरनाक हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मिलने वाले ये संकेत
वैसे तो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पेट में हलà¥â€à¤•ी à¤à¤‚ठन होना आम बात है लेकिन अगर तेज कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ यानी संकà¥à¤šà¤¨ महसूस हो रहा है तो यह गंà¤à¥€à¤° समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो सकती है। डिलीवरी डेट से काफी समय पहले बार बार या दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥€ कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ होना पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° लेबर का संकेत हो सकता है।
इस बारे में तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। डिलीवरी से कà¥à¤› दिनों पहले ही फॉलà¥â€à¤¸ लेबर पेन à¤à¥€ होने लगता है जिसे महिलाà¤à¤‚ समठनहीं पाती हैं। अगर ये कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो रही है तो इसे नजरअंदाज करना मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठसही नहीं है।
कà¥à¤› महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की शिकायत होती है जोकि नॉरà¥à¤®à¤² बात है। इसे इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚टेशन बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग à¤à¥€ कहा जाता है। अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आखिरी दिनों में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो रही है तो इसे हलà¥â€à¤•े में न लें।
जिन महिलाओं में पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गलत जगह पर होता है, उनमें इस तरह की बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग का खतरा अधिक होता है। ये मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठखतरनाक होता है।
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के समय में वैजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना सामानà¥â€à¤¯ बात है लेकिन पतला फà¥à¤²à¥‚इड निकलना खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर यह पानी की थैली फटने का संकेत हो सकता है और à¤à¤¸à¤¾ डिलीवरी डेट से कà¥à¤› दिन पहले होता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी पर गंà¤à¥€à¤° खतरा मंडरा सकता है।
गरà¥à¤ में शिशॠके आसपास à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड होता है तो शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। इसी à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड को पानी की थैली कहा जाता है। शिशॠके विकास के लिठयह बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। यदि समय से पहले पानी की थैली फट जाठतो कोई गंà¤à¥€à¤° जटिलता पैदा हो सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आखिरी दो महीनों में चकà¥â€à¤•र आने और आंखों से धà¥à¤‚धला दिखाई दे सकता है। अगर आपको फोकस करने में दिकà¥â€à¤•त आ रही है या धà¥à¤‚धला दिखाई दे रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। डायबिटीज से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के लिठखासतौर पर दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दिनों में हाथ पैरों या अनà¥â€à¤¯ अंगों में सूजन होना आम बात है लेकिन अगर सूजन वाली जगह पर दरà¥à¤¦ हो या उस पर लालिमा और रैशेज आ जाठतो यह चिंता की बात हो सकती है।
खून का थकà¥â€à¤•ा जमने के कारण à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है इसलिठअपनी सà¥à¤•िन पर बारीकी से नजर रखें। हाथ या पैर में दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥€ सूजन आठतो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚।
जब ओवरी à¤à¤— रिलीज करती है तो इस साइकिल के बीच में ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ होता है। ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करने के बाद लगà¤à¤— 12 से 24 घंटे तक à¤à¤— मौजूद रहता है। यदि सà¥â€à¤ªà¤°à¥à¤® कोशिका ओवरी में मौजूद रहे और à¤à¤— को फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ कर दे तो à¤à¤— तो अपने आप ही गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚ट हो जाता है और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी शà¥à¤°à¥‚ होती है।
इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤— के फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ न होने पर मासिक चकà¥à¤° शà¥à¤°à¥‚ होता है और शरीर यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ लाइनिंग को गिरा देता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के अनà¥â€à¤¯ कारण
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पीरियडà¥à¤¸ नहीं आते हैं, लेकिन फिर à¤à¥€ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ हलà¥â€à¤•ी बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ जरूरी नहीं है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग किसी दिकà¥â€à¤•त का संकेत हो। आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग का कारण पता करके डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से इस बारे में बात करनी चाहिà¤à¥¤
मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठखतरनाक हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मिलने वाले ये संकेत
वैसे तो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पेट में हलà¥â€à¤•ी à¤à¤‚ठन होना आम बात है लेकिन अगर तेज कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ यानी संकà¥à¤šà¤¨ महसूस हो रहा है तो यह गंà¤à¥€à¤° समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो सकती है। डिलीवरी डेट से काफी समय पहले बार बार या दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥€ कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ होना पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° लेबर का संकेत हो सकता है।
इस बारे में तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। डिलीवरी से कà¥à¤› दिनों पहले ही फॉलà¥â€à¤¸ लेबर पेन à¤à¥€ होने लगता है जिसे महिलाà¤à¤‚ समठनहीं पाती हैं। अगर ये कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो रही है तो इसे नजरअंदाज करना मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठसही नहीं है।
कà¥à¤› महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की शिकायत होती है जोकि नॉरà¥à¤®à¤² बात है। इसे इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚टेशन बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग à¤à¥€ कहा जाता है। अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आखिरी दिनों में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो रही है तो इसे हलà¥â€à¤•े में न लें।
जिन महिलाओं में पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गलत जगह पर होता है, उनमें इस तरह की बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग का खतरा अधिक होता है। ये मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठखतरनाक होता है।
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के समय में वैजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना सामानà¥â€à¤¯ बात है लेकिन पतला फà¥à¤²à¥‚इड निकलना खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर यह पानी की थैली फटने का संकेत हो सकता है और à¤à¤¸à¤¾ डिलीवरी डेट से कà¥à¤› दिन पहले होता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी पर गंà¤à¥€à¤° खतरा मंडरा सकता है।
गरà¥à¤ में शिशॠके आसपास à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड होता है तो शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। इसी à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड को पानी की थैली कहा जाता है। शिशॠके विकास के लिठयह बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। यदि समय से पहले पानी की थैली फट जाठतो कोई गंà¤à¥€à¤° जटिलता पैदा हो सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आखिरी दो महीनों में चकà¥â€à¤•र आने और आंखों से धà¥à¤‚धला दिखाई दे सकता है। अगर आपको फोकस करने में दिकà¥â€à¤•त आ रही है या धà¥à¤‚धला दिखाई दे रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। डायबिटीज से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के लिठखासतौर पर दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दिनों में हाथ पैरों या अनà¥â€à¤¯ अंगों में सूजन होना आम बात है लेकिन अगर सूजन वाली जगह पर दरà¥à¤¦ हो या उस पर लालिमा और रैशेज आ जाठतो यह चिंता की बात हो सकती है।
खून का थकà¥â€à¤•ा जमने के कारण à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है इसलिठअपनी सà¥à¤•िन पर बारीकी से नजर रखें। हाथ या पैर में दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥€ सूजन आठतो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहली तिमाही
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚ट होने पर हलà¥â€à¤•ी सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान सरà¥à¤µà¤¿à¤•ल कोशिकाओं में बदलाव à¤à¥€ महसूस हो सकता है जिसकी वजह से हलà¥â€à¤•ी बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है, खासतौर पर सेकà¥â€à¤¸ के बाद।
पहली तिमाही में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने के अनà¥â€à¤¯ कारणों में à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी, संकà¥à¤°à¤®à¤£, मिसकैरेज, सबकोरिओनिक हैमरेज (जिसमें यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ की दीवार और पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के बीच में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है), जेसà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² टà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‹à¤¬à¥â€à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• डिजीज शामिल हैं।
मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठखतरनाक हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मिलने वाले ये संकेत
वैसे तो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पेट में हलà¥â€à¤•ी à¤à¤‚ठन होना आम बात है लेकिन अगर तेज कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ यानी संकà¥à¤šà¤¨ महसूस हो रहा है तो यह गंà¤à¥€à¤° समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो सकती है। डिलीवरी डेट से काफी समय पहले बार बार या दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥€ कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ होना पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° लेबर का संकेत हो सकता है।
इस बारे में तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। डिलीवरी से कà¥à¤› दिनों पहले ही फॉलà¥â€à¤¸ लेबर पेन à¤à¥€ होने लगता है जिसे महिलाà¤à¤‚ समठनहीं पाती हैं। अगर ये कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो रही है तो इसे नजरअंदाज करना मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठसही नहीं है।
कà¥à¤› महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की शिकायत होती है जोकि नॉरà¥à¤®à¤² बात है। इसे इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚टेशन बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग à¤à¥€ कहा जाता है। अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आखिरी दिनों में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो रही है तो इसे हलà¥â€à¤•े में न लें।
जिन महिलाओं में पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गलत जगह पर होता है, उनमें इस तरह की बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग का खतरा अधिक होता है। ये मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठखतरनाक होता है।
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के समय में वैजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना सामानà¥â€à¤¯ बात है लेकिन पतला फà¥à¤²à¥‚इड निकलना खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर यह पानी की थैली फटने का संकेत हो सकता है और à¤à¤¸à¤¾ डिलीवरी डेट से कà¥à¤› दिन पहले होता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी पर गंà¤à¥€à¤° खतरा मंडरा सकता है।
गरà¥à¤ में शिशॠके आसपास à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड होता है तो शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। इसी à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड को पानी की थैली कहा जाता है। शिशॠके विकास के लिठयह बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। यदि समय से पहले पानी की थैली फट जाठतो कोई गंà¤à¥€à¤° जटिलता पैदा हो सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आखिरी दो महीनों में चकà¥â€à¤•र आने और आंखों से धà¥à¤‚धला दिखाई दे सकता है। अगर आपको फोकस करने में दिकà¥â€à¤•त आ रही है या धà¥à¤‚धला दिखाई दे रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। डायबिटीज से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के लिठखासतौर पर दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दिनों में हाथ पैरों या अनà¥â€à¤¯ अंगों में सूजन होना आम बात है लेकिन अगर सूजन वाली जगह पर दरà¥à¤¦ हो या उस पर लालिमा और रैशेज आ जाठतो यह चिंता की बात हो सकती है।
खून का थकà¥â€à¤•ा जमने के कारण à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है इसलिठअपनी सà¥à¤•िन पर बारीकी से नजर रखें। हाथ या पैर में दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥€ सूजन आठतो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 20 सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही के बाद निमà¥â€à¤¨ कारणों से बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है :
सरà¥à¤µà¤¿à¤•ल à¤à¤—à¥â€à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ : किसी à¤à¥€ तरह की समसà¥â€à¤¯à¤¾ की जांच के लिठडॉकà¥â€à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ की जांच करेंगे। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से हलà¥â€à¤•ी बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है।
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¥€à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ : जब पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के खà¥à¤²à¤¨à¥‡ वाली जगह पर या इसके पास ही इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚ट हो जाती है तो पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¥€à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥â€à¤¨ होती है।
पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® लेबर : पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ चौड़ी होता है और शिशॠको नीचे लाने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ लगता है। इससे थोड़ी बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है।
सेकà¥â€à¤¸ : डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह पर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सेकà¥â€à¤¸ कर सकती हैं। योनि और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के ऊतकों में अधिक सेंसिटविटी होने की वजह से थोड़ी बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग महसूस हो सकती है।
यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ रपà¥â€à¤šà¤° : पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के छिलने पर à¤à¤¸à¤¾ होता है। à¤à¤¸à¤¾ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ ही होता है।
पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा à¤à¤¬à¥â€à¤°à¤ªà¥â€à¤¶à¤¨ : इसमें पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा शिशॠके जनà¥â€à¤® से पहले ही गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से अलग होना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।
यदि महिला को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के किसी à¤à¥€ सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ या महीने में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो रही है तो खून का रंग, मातà¥à¤°à¤¾ और गाढ़ापन नोट करके डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¥¤
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